हिरोशिमा परमाणु हमले की बरसी पर ममता ने की 'हिंसा-अत्याचार' मुक्त दुनिया बनाने की अपील - East West North South News

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Tuesday, August 7, 2018

हिरोशिमा परमाणु हमले की बरसी पर ममता ने की 'हिंसा-अत्याचार' मुक्त दुनिया बनाने की अपील

<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> आज यानी 6 अगस्त 2018 को जापान के हिरोशिमा पर हुए परमाणु हमले को 73 साल पूरे हो गए. आज ही के दिन 1945 में जापान के हिरोशिमा शहर पर सुबह सवा आठ बजे अमेरिका ने परमाणु बम गिरा दिया था. वो जापान के लिए एक ऐसा दिन था जिसे सोचकर भी लोगों की रुह कांप जाती है. इस मौके पर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ट्वीट कर विश्व शांति की अपील की.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बंगाल की सीएम ने किया ट्वीट </strong>ममता बनर्जी ने ट्वीट कर लिखा, "आज हिरोशिमा की बरसी है. हमें एक ऐसी दुनिया बनाने की कोशिश करनी चाहिए जो हिंसा और अत्याचार, युद्ध और पीड़ा से मुक्त हो, ताकि आने वाली पीढ़ियां खुशी और शांति से रह सकें."</p> <code></code> <blockquote class="twitter-tweet" data-lang="en"> <p dir="ltr" lang="en">Today is <a href="https://twitter.com/hashtag/HiroshimaDay?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#HiroshimaDay</a>. Let us strive to achieve a world free from violence and oppression, war and suffering, so that our future generations can live happily and in peace</p> — Mamata Banerjee (@MamataOfficial) <a href="https://twitter.com/MamataOfficial/status/1026282400970502144?ref_src=twsrc%5Etfw">August 6, 2018</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"><strong>4,000 डिग्री तापमना में हुआ था सब राख</strong> एनोला गे नामक एक अमेरिकी बी-29 बमवषर्क ने छह अगस्त 1945 को ‘लिटिल ब्वाय’ नामक परमाणु बम हिरोशिमा पर गिराया था. यह घटना दूसरे विश्वयुद्ध के अंतिम चरणों में से एक है. बम गिरने के बाद इसके आसपास की लगभग हर चीज जलकर खाक हो गई थी. इस बम के जरिए जमीनी स्तर पर लगभग 4,000 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी पहुंची थी, जो कि स्टील को पिघलाने के लिए काफी होती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हमले के बाद जापान ने किया था सरेंडर</strong> इस हमले में लगभग 1.4 लाख लोग मारे गए थे. इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जो बम हमले से तो बच गए थे लेकिन भारी विकिरण की चपेट में आने के कारण बाद में मर गए थे. पत्तन शहर नागासाकी पर भी नौ अगस्त को परमाणु बम से हमला बोला गया था. इसमें 70 हजार लोग मारे गए थे. कुछ दिन बाद 15 अगस्त 1945 को जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया था और युद्ध समाप्त हो गया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वीडियो- </strong>जल कहर: भारी बारिश और सैलाब की दिल दहला देने वाली 25 तस्वीरें</p> <code><iframe class="vidfyVideo" style="border: 0px;" src="https://ift.tt/2OKEtKg" width="631" height="381" scrolling="no"></iframe></code>

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